सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मेहनत करिए(शीर्षक)

 Hi friends👋नमस्कार🙏
कविता का शीर्षक मंजिल
          ****************************

फ्रेंड्स मेहनत करिये,कभी भी हार ना मानिये!विशवास करिये किस्मत एक बार हार, दिखाएंगी दो बार हार दिखाएंगी,पर हमारी किस्मत इतनी भी बुरी नहीँ की हर बार बस हार ही दिखाएंगी,फ्रेंड्स मेहनत करिये सफलता जरूर मिलेंगी ओर जरूर मिलेंगी।यही कामना है। मेरी सबके लिए......

     Do Not Care About              People Too Much


हँसिये ओर हँसिये

मेहनत आपके कदम चुनेंगी

ओर सफलता जरूर मिलेगी

        

          मंजिल जरूर मिलेगी (कविता)

************************


मंजिल दूर है।मगर पाना जरूर है।

अपनी मेहनत से कुछ कर दिखाएंगे

लाख कांटे आये राहो में, मगर

हम उसे भी पार कर जायेंगे.....


करी मेहनत कम, हर बार यहीं

गुमान दिल मे क्यों रहता है

अपने पसीने को हर बार बहाया

फिर भी क्यों फालतू सा लगता है


हम उदास है कहा हम कम पड़ गए

पर क्या किस्मत ही हमारी हमें मना कर गई?

हमसें हमारी किश्मत ने कहा, ये तेरे लिए कम है

तुझे बस जरा सा देना मुझें मंजूर नहीँ है


तू कर ओर मेहनत तुझे इससे ज्यादा मिलेंगा

में भी खुश होंगा की ये तेरी किस्मत का है

मत हो उदास ,ना तू रो ...अभी जीवन बहुत है।

क्यो अभी से हारे बन्दे की तेरे पास और ज्यादा है

************************************************

कविता का भावार्थ

*****************

कविता का भावार्थ ये है कि आपके पास भले ही सारे एसो आराम ,धन,दौलत भले ही ना हो,ये दो हाथ तो भगवान ने दिए हैं।तो मेहनत करिए सफलता आपके कदम चूमेगी, और हर तकलीफ़ आपसे अलविदा कहेंगी।

*************************************************

धन्यवाद

कविता यादव🙏

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें