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दर्द कविता(शीर्षक)

HELLO FRIENDS 🙏नमस्कार

               कविता का शीर्षक दर्द
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जीवन बहुत उलझनों से घिरा रहता है पर उन्ही में खुशियां ढूढ़ने की कोशिश करिये,तकलीफो को एक तरफ रखकर खुश रहिये,जीवन हँसने ओर हँसाने के लिए इसलिए खुश रहे और 

ओर खुश रहे........😊😊😊

इसी पर आधरित मेरी ये कविता पढ़िए ओर बताइये केसी लगी


             कविता दर्द


किसी ने मुझसे पूछा तुम

पुरा दिन कितना हँस लेती हो....


में ने हँस कर ही कहा ,जितना 

कोई हँसा देता है....


उसने मुझसे फिर कहा!

आज कल कोई हँसता कहा है..


अगर दर्द हो साथ तो 

साथ निभाता कहा है।


मैंने मुश्कराते हुए कहा!

हँसते हुए चेहरे में ,भी दर्द होते है।


साथ पाना चाहते है हम !अपनो का..

इसलिए अपना दर्द, ना सही ,

दर्द बाठ लेते है।

हम!हर किसी का.....

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कविता का भावार्थ

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कविता का भावार्थ कोई भी दुख हो तो उसे किसी के साथ बांट लेना चाहिए इससे दुख कम ही होता है,बड़ता नहीं है। और जी हल्का हो जाता है।

 


धन्यवाद

कविता यादव

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