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पिता का प्यार बेटी के लिए(शीर्षक)

  HELLO FRIENDS 🙏नमस्ते दोस्तों🙏

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 ...जिस प्रकार माँ बेटी का रिश्ता गहरा होता है।उसी प्रकार एक पिता और बेटी का भी होता है।पिता अपनी बेटी की भलाई के लिए अगर उसे डाटते है।तो उसमें भी उनका प्यार छुपा होता है।और अगर आप को वो प्यार देखना हो तो उस दिन देखना चाहिए जिस दीन बेटी की विदाई होती रहती है।और एक पिता अपने आशुओँ को छुपाते हुए कोई ना कोई बहाना बना कर अपनी बेटी से छुपते रहते है।और मन ही मन कहते है।मेरी बिटिया मेने कल भी तेरी भलाई के लिए डाटा था।और आज भी तेरी भलाई के लिए ही तुझे अपने से दूर कर रहा हूं।

इसलिए दोस्तों माता पिता का हमेशा सम्मान करें और केवल अपने ही माता पिता नही दूसरे के माता पिता का भी सम्मान करें ।

और जो इतना भी नहीं कर सकता वास्तव में वो किसी का भी बच्चे बनने के काबिल नही हैं।अगर मेरी लिखी कोई भी बात आप लोगो को बुरी लगे तो प्लीज मुझे माफ़ करियेगा।

मेरे द्वारा लिखी ये कविता वही पिता और बेटी के प्यार की एक झलक है।पढ़िए ओर बताइये इस कविता ने आपके दिल को छुआ क्या.....

🙏.नमस्कार,🙏

तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी 

राज कुमारी।


तुझको ना भूल पाऊँगा मैं

अपने से जुदा ,

कैसे कर जाऊँगा मैं।


रीति रिवाज़ो का पालन, 

मुझे भी एक दिन करना है।

एक दिन तेरा ब्याह रचा के 

दूर मुझसे करना है।


तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी

राज कुमारी।


जो मेरा है वो सब तेरा है

तुझको ये अर्पण करना है

हाँ मुझको भी

कन्यादान करना है।

तेरी ख़ुशी की ख़ातिर

तेरे सामने मुझको हँसना है

ना हो उदास तू ज्यादा

ये ध्यान भी मुझको रखना है।

तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी

राज कुमारी।

राजकुँवर वो ले जायेगा

सदा के लिए, तेरा हो जाएगा

दुआ में मांगूँ उस रब से

आशीर्वाद दूँ तुमको दिल से।

सदा खुश रहो

ओ प्यारी

मेरी तू राज दुलारी।

शादी ब्याह ये जीवन है

बंधन है, एक रिश्ता है

साथ रहे दोनों का हर दम

इसका महत्व ना हो कभी कम।

तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी 

राज कुमारी।

ना हो कोई अकेला 

जीवन मे इसका महत्व है

इसलिए दोस्तों शादी का 

जीवन मे बहुत महत्व है।

जो हो गए

इसे तन्हा

रब उसको भी दे

ये खुशियां।



तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी

राज कुमारी।



माता पिता का जीवन

शादी विवाह वो दर्पण

बच्चो को जो वो है देते

शादी का रूप है वैसे।

तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी

राज कुमारी।

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कविता का भावार्थ

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इस कविता का भावार्थ बस इतना ही है।की कोई भी माता पिता हो अमीर हो या गरीब सभी अपनी बेटी के लिए एक राजकुमार की ही आशा करते है 

 🙏धन्यवाद🙏

कविता🙏🙏 यादव🙏






धन्यवाद🙏

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