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Good morning (शीर्षक)

Hello Friends
नमस्कार
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             कविता का शीर्षक उठो लाल


उठो लाल अब आँखें खोलो,

पानी लायी हूँ मुंह धो लो।


बीती रात कमल दल फूले,

उसके ऊपर भँवरे झूले।


चिड़िया चहक उठी पेड़ों पे,

बहने लगी हवा अति सुंदर।


नभ में प्यारी लाली छाई,

धरती ने प्यारी छवि पाई।


भोर हुई सूरज उग आया,

जल में पड़ी सुनहरी छाया।


मंदिर में अब बंजी हैं घंटी

शंख बजे आरती करे भक्त जन मिलकर

कब तक सोते रहोगे तुम तन के

उठो लाल थोड़ी पूजा कर लो 

मिले




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कविता का भावार्थ

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उठिए सुबह हो गई हैं,नींद से भी और अगर जीवन में हार महसूस हो रहा है तो उससे भी ,क्युकी जीवन में हार जीत तो लगी रहती है।इसलिए उठिए....।

Good morning

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धन्यवाद 

कविता यादव



नन्ही नन्ही किरणें आई,


फूल खिले कलियाँ मुस्काई।


इतना सुंदर समय मत खोओ,


मेरे प्यारे अब मत सोओ।

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